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[stm_call_to_action cta_border_color=”blue” cta_bg_color=”green” btn_link=”url:https%3A%2F%2Fadmission.bujhansi.ac.in%2F%3Fcd%3DMgAyADcA|title:Read%20more|target:%20_blank|” title=”Apply for Admission” image_id=”52″ img_id=”3351″ css=”.vc_custom_1527767995192{margin-top: -100px !important;border-top-width: 4px !important;border-top-style: solid !important;}” margin=”margin-top:15px;margin-bottom:16px;” btn_enable=”true” img_enable=”true” btn_custom_style=”true” btn_icon_enable=”true”]College takes admission on merit basis/marks obtained in the qualifying examination and/or in the entrance examination or any other selection process as per the policy of the State Government/Bundelkhand University.[/stm_call_to_action]
[stm_title title_tag=”h2″ sep_enable=”true” title=”About Us” title_font=”text-indent:-3px;” css=”.vc_custom_1449644303491{margin-top: 10px !important;margin-bottom: 10px !important;padding-top: 4px !important;padding-right: 5px !important;padding-bottom: 4px !important;padding-left: 5px !important;}” sep_css=”margin-bottom:41px;” sep_margin_b=”41px”][/stm_title]

 

राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त महाविद्यालय  शैक्षिक एवं आर्थिक रूप से पिछड़े बुंदेलखंड में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में तेजी से बदलते रुझानों को चुनोतियों का सामना करने के लिए गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा , अनुसंधान , प्रशिक्षण को बढाबा देने के लिए पदमविभूषण राष्ट्रकवि डॉ० मैथिलीशरण गुप्त की नगरी चिरगांव झाँसी में स्थापित है

 

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माँ भारती के अमर गायक राष्ट्रकवि डॉ० मैथलीशरण गुप्त का जन्म चिरगाँव में ३ अगस्त १८८६ को हुआ ! उनके पिता श्री रामशरण गुप्त चिरगांव (झाँसी) के प्रतिष्ठित एवं संपन्न व्यवसायी थे ! बारह वर्ष की अल्पावस्था में गुप्त ने अपने पिता की कॉपी में एक छप्पय लिखा , जिसकी सराहना उनके पिता जी ने एवं अन्य लोगों ने भी की ! ‘सरस्वती’ पत्रिका में उनकी पहली कविता सन १९०५ में “हेमंत” शीर्षक से छपी ! गाँधी जी के व्यक्तित्व से वे सर्वाधिक प्रभावित हुए उन्होंने चरखा चलाना प्रारंभ किया और स्वतंत्रता आन्दोलन में कूद पड़े व सात माह आगरा जेल में भी रहे !

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